कुंडली के चतुर्थ भाव में राहु का फल ¤ राहु चौथे भाव में ¤ चतुर्थ भाव में राहु ¤ rahu in 4th house ¤
कुंडली के चतुर्थ भाव में राहु :
Rahu in 4th house
कुंडली के चौथे भाव में राहु का फल जानने के लिए यह जानना जरूरी है कि कुंडली का चौथा भाव क्या बताता है।
कुंडली का चौथा भाव :
Rahu in fourth house
कुंडली का चौथा भाव सुख भाव कहलाता है । यह किसी व्यक्ति के घर और घर वालों की स्थिति, परिवार के लोगों के साथ उसके संबंध, उसके घर का वातावरण, किसी व्यक्ति का उसकी माता के साथ संबंध, घर में मौजूद सुख सुविधाएं, चल अचल संपत्ति जैसे कि मकान गाङी इत्यादि, इसके अलावा किसी व्यक्ति की मानसिक स्थिति उसकी भावनात्मक स्थिति , मन की संतुष्टि और साथ-साथ उसकी मातृभूमि के साथ संबंध को बताता है।
राहु चतुर्थ भाव में
Rahu chothe bhav me
यह जानना जरूरी है कि क्या हुआ किसी व्यक्ति के जीवन पर क्या प्रभाव डालता है।
चौथे भाव में राहु का क्या फल होता है?
राहु का जीवन पर प्रभाव:
राहु एक नकारात्मक ग्रह है और यह किसी इंसान की बुद्धि को नकारात्मक तौर पर प्रभावित करता है। राहु बुद्धि में भ्रम पैदा करता है और व्यक्ति को असमंजस में डालता है ।
राहु किसी व्यक्ति को गलत संगत में डालता है , चारित्रिक पतन करता है। राहु नशे की लत की ओर व्यक्ति को धकेलता है और रिश्तो को बिगड़ता है।राहु मन में असंख्य इच्छाएं पैदा करता है और इच्छाओं के ना पूरा होने पर मन में असंतोष की भावना भी पैदा करता है।
चतुर्थ भाव में राहु का फल
Rahu 4th bhav me
अब जबकि हम जान चुके हैं कि कुंडली का चौथा भाव क्या बताता है और राहु का किसी व्यक्ति के जीवन पर क्या प्रभाव पड़ता है आइए अब इस बात को समझने की कोशिश करते हैं कि राहु का कुंडली के चतुर्थ भाव में होना क्या बताता है।
Rahu ka 4 bhav me fal
कुंडली के चौथे भाव में राहु का फल:
राहु 4 भाव में
मातृभूमि और माता से प्रेम:
Love of mother and Motherland:
जिस व्यक्ति की कुंडली के चतुर्थ भाव में राहु बैठा होता है ऐसा व्यक्ति अपनी माता में अपनी माता से और अपनी मातृभूमि से बहुत प्रेम करता है ऐसे व्यक्ति में देश के व्यक्ति निष्ठा होती है ऐसा व्यक्ति अपनी मां की कभी हर बात मानता है ऐसा व्यक्ति अपनी मां की नजर में अपने आप को सिद्ध करने की कोशिश करता है।
4 bhav Rahu
किसी कारणवश अगर यह व्यक्ति अपने माता के बताए हुए रास्ते पर नहीं चल पाता तो उसके मन में ग्लानि का भाव रहता है।
घर परिवार का मुख्य सदस्य बनने की कामना:
Desire to be leader of the family:
जिस व्यक्ति की कुंडली के चतुर्थ भाव में राहु विद्यमान होता है । ऐसा व्यक्ति अपने घर और परिवार में बहुत ज्यादा लिप्त होता है। ऐसा व्यक्ति घर परिवार के मुद्दों में बहुत ज्यादा रुचि लेता है ।और परिवार में अपनी एक विशेष पहचान बनाने की कोशिश करता है ।
Rahu fourth house
ऐसा व्यक्ति यह चाहता है कि परिवार का हर सदस्य उसे विशेष महत्व दे। घर का हर सदस्य उस से प्रेम करें। कुंडली में चतुर्थ भाव में राहु व्यक्ति के अंदर घर का मुखिया बनने की इच्छा पैदा करता है।
Kundali ke 4th house me rahu
घर परिवार के सदस्यों से सम्मान की कामना:
Desire of respect from family members:
जब कुंडली के चतुर्थ भाव में राहु बैठा होता है, तो ऐसा व्यक्ति अपने घर परिवार के सदस्यों से सम्मान की कामना रखता है ।और उसके लिए सदा प्रयासरत रहता है। और यदि उसे घर परिवार के सदस्य से विशेष सम्मान प्राप्त नहीं होता तो ऐसे व्यक्ति के मन में असंतोष की भावना पैदा होती है।
Rahu 4th house hindi
अधिक अपेक्षा रखने वाली माता :
Demanding Mother:
जिस व्यक्ति के चतुर्थ भाव में राहु बैठा होता है ऐसे व्यक्ति की माता उससे बहुत अधिक अपेक्षाएं रखती है। और उन अपेक्षाओं के पूरा ना होने की स्थिति में ऐसे व्यक्ति के मन में ग्लानि और असंतोष की भावना पैदा होती है।
Rahu 4 ghar me
एक स्थान से दूसरे स्थान पलायन:
Moving from one land to another land:
यदि कुंडली के चौथे भाव में राहु बैठा होता है। तो ऐसा व्यक्ति अपनी मातृभूमि से या जन्म स्थान से दूर दूसरी जगह पर पलायन करता है । और ऐसा एक बार नहीं कई बार होता है। ऐसे व्यक्ति को अपने जन्म स्थान से दूर स्थान पर जाकर बसना पड़ जाता है।
घर के नियम कानून और परंपराओं में बदलाव करना :
Rahu in fourth house breaks the taboo and changes the traditions:
कुंडली के चतुर्थ भाव में राहु बैठा होता है तो ऐसा व्यक्ति अपने घर के पुराने नियम कानून और परंपराओं में बदलाव करने की या नयापन लाने की कोशिश करता है ।
ऐसा व्यक्ति अपने जन्म स्थान पर चल रहे पुराने रीति रिवाज और परंपराओं को भी नाहीं खुद निभाता है, और दूसरों को भी बदलने के लिए प्रेरित करता है।
Rahu chaturth bhav
घर से ही काम करना:
Work from home:
जब कुंडली के चौथे भाव में राहु बैठा होता है तो उसके सामने ही दसवां भाव होता है। उसमें केतु बैठा होता है।
चौथे भाव में राहु और दसवें भाव में केतु इस बात की ओर इशारा करता है कि ऐसा व्यक्ति कोई ऐसा कार्य करता है जो घर से ही हो जाता है।आजकल work-from-home का प्रचलन है जो कि ऐसी ही कुंडली से देखा जा सकता है।
आशा है कि आपको अच्छी जानकारी मिली है इसके अलावा यदि आपका कोई प्रश्न है तो आप कमेंट बॉक्स में अपनी राय रख सकते हैं। धन्यवाद!
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