नॉनवेज खाना यानी कि जानवरों को मारकर खाना किसी जीव की हत्या करके उसको खा जाना हर तरीके से गलत ही है ।




नॉनवेज क्यों नहीं खाना चाहिए • नॉनवेज खाना कैसे छोङे • 

नॉनवेज खाने के गलत तर्क:

कोई फूड साइकिल ये नहींं कहती कि इंसान का जानवर को मारकर खाना जरूरी है:

यह तर्क बिल्कुल गलत है कि पेट भरने के लिए या फूड साइकिल को पूरा करने के लिए जानवरों को काटकर खाना जरूरी है। क्योंकि अगर आपके पास साग सब्जियां फल और अनाज मौजूद है अपना पेट भरने के लिए,  तब आपको किसी जानवर को खाकर अपनी भूख मिटाने की जरूरत नहीं है।

फूड साइकिल में तो जानवर जानवर को मारकर खाता है तो क्या इंसान ही इंसान को मारकर खाने लगेगा।  नहीं यह तर्क इंसानों पर लागू नहीं होता।

यह तर्क भी सरासर गलत है कि अगर जानवरों को मारकर खाया नहीं जाए तो उनकी संख्या बढ़ जाएगी और वह इंसान पर हावी हो जाएंगे:

यह तर्क गलत है। क्योंकि कुछ जानवरों को जैसी के मुर्गियों की फार्मिंग की जाती है ।उनको ज्यादा से ज्यादा पैदा ही इसलिए करवाया जाता है कि उनको मार कर खाने के लिए बेचा जा सके । इंसान थोड़े से मुनाफे के लिए इस गलत व्यापार में घुसता है और जानवरों की हत्या का पाप बहुत बड़े स्तर पर करता है ।

पौधों में भी जान होती है लेकिन जानवरों में भावना भी होती है बिल्कुल इंसानों की तरह:

कुछ लोग तर्क देते हैं कि जान तो पौधों में भी होती है, तब उन्हें भी नहीं खाना चाहिए तो फिर इंसान खाएगा क्या?

जिस तरह इंसान में भावनाएं होती हैं उसी तरह जानवरों में भी भावनाएं होती है। जिस तरह इंसान को मरने से डर लगता है, उस तरह जानवर को भी मरने से डर लगता है।

जिस तरह कटने चोट लगने पर इंसान को दर्द होता है उसी तरह जानवर को भी दर्द होता है।

जानवरों के भी बच्चे होते हैं जानवर भी अपने परिवार या बच्चों से बिछड़ना नहीं चाहते ।वह भी मरना नहीं चाहते।

ईश्वर ने उन्हें उनके जीवन की उम्र दे कर भेजा है उन्हें मारने का हक इंसान को नहीं है।

non veg kyu nahi khana chahiye

नॉनवेज क्यों नहीं खाना चाहिए?

सभी जीवों को जीने का समान अधिकार है:

जिस तरह से इंसान को जीने का हक है। उस तरह जानवर को भी जीने का हक है ।इंसान को जन्म देने का अधिकार है । पर किसी को मृत्यु देने का अधिकार नहीं है। 

किसी भी जीव की हत्या पाप है:

जानवरों की हत्या पर जेल में बंद करने का कोई कानून नहीं है पर इसका मतलब यह नहीं है कि जानवरों की हत्या करना गलत नहीं है। 

इंसान के खून का रंग लाल है उसी तरह जानवरों के खून का रंग भी लाल है जिस तरह इंसान को चोट लगने पर दर्द होता है, उसी तरह जानवर को भी चोट लगने पर दर्द होता है। इंसान को अधिकार नहीं है कि वो जानवर को चोट पहुंचाए। 

non veg khana paap hai kya

इंसान सभ्य हो गया फिर भी इस मामले में वह आज भी आदिमानव जैसी हरकतें कर रहा है:

सभ्यता विकसित हो गई इंसान ने पेट भरने के लिए खेती करना शुरू कर दिया ।अनाज उगाया। लेकिन इस मामले में आज तक असभ्य ही रह गया कि उसने जानवरों को मारकर खाना नहीं छोड़ा। 

क्योंकि बाजार में शाकाहारी खाना मौजूद होने के बावजूद भी मास के लिए जानवर की हत्या करके उसका उपभोग करना सरासर गलत है।

अपने से कमजोर की रक्षा करनी चाहिए ना की हत्या:

इंसान जीवों से ज्यादा ताकतवर है। वह मुर्गी से, बकरे से , मछली से ज्यादा ताकतवर है पर इसका अर्थ यह नहीं है कि उसे इस बात का अधिकार मिल जाता है कि वह उनकी हत्या करके उनको खा जाए।

जानवरों को मारकर खाना भूख मिटाने का आखिरी ऑप्शन नहीं है, बहुत से अन्य विकल्प मौजूद हैं:

अपनी से कमजोर को काबू करा जा सकता है तो इसलिए उनको मारकर खाया जाए यह सरासर गैर मानवीय कृत्य है।

इंसान जानवरों से ज्यादा शक्तिशाली है इसका अर्थ यह नहीं है कि वह अपने से कमजोर जानवर की हत्या करने का अधिकार रखता है । 

धरती सब की है। सब को जीवन देने वाला ईश्वर है और किसी इंसान को ईश्वर के दिए हुए किसी प्राणी के जीवन को खत्म करने का अधिकार नहीं है । और वह सिर्फ अपना पेट भरने की इच्छा से दूसरे प्राणी की जान ले ले यही सही नहीं है। पेट भरने के लिए उसके पास अन्य साधन उपलब्ध है। जानवर को मारकर खाना उसका आखिरी विकल्प नहीं है।

किसी जानवर का मांस खाना की बार इंसान को किसी जानवर जैसा ही बना देता है:

जब भी आप ने कोई कथा और पूजन वगैरह किया होगा तो उसमें यही कहा गया होगा कि पूजा में बैठ रहे हैं तो मांसाहार करके ना आए।

ऐसा क्यों कहा जाता है? क्योंकि मांसाहार इंसान से मन की प्रवृत्ति नकारात्मक बनाता है । मांस की तासीर गर्म होती है।  इस खाने से, मांस का सेवन ज्यादा या लगातार करने से इंसान की मन की प्रवृत्ति भी उत्तेजक हो जाती है ।

नॉनवेज खाने का नुकसान:

नॉनवेज खाने से इंसान में तामसिक प्रवृत्ति बढ़ती है:

नॉनवेज की तासीर गर्म होती है इसीलिए नॉनवेज खाने वाले लोगों में ज्यादा गर्मी होती है ।ऐसे लोगों को गर्मी ज्यादा लगती है। आप देखेंगे कि ऐसे लोग बहुत कम रूम टेंपरेचर पर एसी लगा कर बैठते हैं ।

ऐसे लोगों को गुस्सा ज्यादा आता है। ऐसे लोग बहुत जल्दी छोटी-छोटी बात पर भङक जाते हैं । छोटी सी लड़ाई पर भी मारपीट कर लेते हैं । ऐसे लोगों के मन में शांति और संतोष का बहुत अभाव होता है।

नॉनवेज छोङने के फायदे:

जानवरों से प्यार करिये उनकी रक्षा करिये:

अगर आप जानवरों से दोस्ती करेंगे, उनकी रक्षा करेंगे तो आपको बहुत खुशी दे सकते हैं। जिन लोगों के घर में जानवर पले होते हैं । आप उनसे पूछिए जानवर घर में बहुत सारी पॉजिटिविटी और खुशियां लेकर आते हैं । वह इंसान के अकेलेपन को दूर करते है ।

जैसे घर में छोटे बच्चे के आने से खुशियां आती हैं वैसे ही घर में छोटे से जानवर को जब आप अपने पैट के रूप में लाते हैं तो आपके जीवन में बहुत सारी खुशियां लाता है।

नॉनवेज खाना छोड़ेंगे तो अपनी मानसिकता में और सेहत में भी बदलाव महसूस करेंगे:

अगर आप नॉनवेज खाते हैं और उसे छोड़ना चाहते हैं तो एक बार उसे छोड़ कर देखिए। आप अपने मनःस्थिति और शरीर में स्वास्थ्य मेें सकारात्मक बदलाव महसूस करेंगे।

नाॅनवेज को आप हेल्दी सब्जियों, दालों और अनाज से रिप्लेस कीजिए।

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