कुंडली का चतुर्थ भाव
Kundali ka 4th house 

कुंडली का चौथा भाव क्या बताता है?
Kundali ka 4th bhav

कुंडली के चौथे भाव का अर्थ
4th house in hindi 
कुंडली का चतुर्थ भाव सुख और संतोष को बताता है:
Happiness and contentment:

किसी व्यक्ति की जन्म कुंडली का चौथा भाव सुख भाव कहलाता है । कुंडली के चतुर्थ भाव से किसी व्यक्ति के जीवन में सुख समृद्धि और संतोष की स्थिति का अंदाजा लगाया जाता है।

यदि किसी व्यक्ति की कुंडली के चौथे भाव में कोई शुभ ग्रह बैठा है तो ऐसे व्यक्ति के परिवार में सुख शांति ,संपन्नता  और खुशहाली होती है।

kundali ka chaturth bhav

तुर्थ भाव घर परिवार की स्थिति बताता है:
Environment of the house and family:

कुंडली के चतुर्थ भाव से किसी इंसान के घर परिवार का पता लगाया जाता है। कुंडली का चौथा भाव किसी व्यक्ति के घर का वातावरण और स्थिति बताता है ।

यदि चतुर्थ भाव में शुभ ग्रह बैठा हो ऐसे व्यक्ति के घर का माहौल उस व्यक्ति के मन के अनुकूल होता है। और घरवालों से उसके संबंध भी मधुर होते हैं।

चतुर्थ भाव माता के साथ संबंध को बताता है:
Relationship with the mother:

इसके अलावा कुंडली का चौथा भाव माता के साथ उस व्यक्ति के संबंध को बताता है। किसी व्यक्ति का अपनी माता के साथ संबंध कुंडली के चौथे भाव से देखा जाता है।

यदि चौथे भाव में शुभ ग्रह बैठा हो तो ऐसे व्यक्ति का उसकी माता से घनिष्ठ प्रेम का संबंध होता है।

कुंडली का चौथा भाव चल अचल संपत्ति को बताता है :
House property and vehicle:

चौथा भाव किसी व्यक्ति की चल अचल संपत्ति, भवन, मकान और वाहन यानी कार, स्कूटर जैसी संपत्ति के बारे में भी जानकारी देता है ।

चौथा भाव अगर मजबूत हो और उसमें शुभ ग्रह बैठा हो तो ऐसे व्यक्ति के पास उसका अपना मकान , बंगला, गाड़ी सब कुछ मौजूद होता है ।

kundali ka 4 house

कुंडली का चतुर्थ भाव व्यक्ति की मानसिक स्थिति को बताता है :
Mental and emotional intelligence:

चौथे भाव का स्वामी चंद्रमा होता है। और चंद्रमा किसी इंसान की मनःस्थिति को बताता है। और इसी कारण से कुंडली का चतुर्थ भाव किसी व्यक्ति की मानसिक स्थिति , उसकी भावनात्मक संतुष्टि को बताता है।

कुंडली के चौथे भाव में अगर चंद्रमा स्वयं बैठा हों तो ऐसा व्यक्ति मानसिक तौर पर अत्यधिक स्थिर होता है। और भावनात्मक तौर पर भी मजबूत होता है।

कुंडली का चौथा भाव मातृभूमि के साथ संबंध को बताता है:
Connection with Motherland:

कुंडली का चौथा भाव क्योंकि माता का भाव होता है, इसलिए यह किसी व्यक्ति की मातृभूमि के साथ सम्बंध को भी जताता है। 

जिन व्यक्तियों के चतुर्थ भाव में कोई मजबूत ग्रह विद्यमान होता है, ऐसे लोग अपनी मातृभूमि के प्रति निष्ठा रखते हैं। और अपनी मातृभूमि से ,अपने देश से ,अपने शहर से ,अपने गांव से भावनात्मक तौर पर बहुत अधिक जुड़ाव एवं लगाव महसूस करते हैं।

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