राहु महादशा में किसकी पूजा करनी चाहिए ?

राहु एक छाया ग्रह है। यह विशेष कर अपने नकारात्मक प्रभाव के लिए जाना जाता है ।

राहु की महादशा में व्यक्ति जीवन मे अचानक से बहुत सारे उतार-चढ़ाव से गुजरता है । राहु जीवन में स्थिरता नहीं रहने देता। यह आपको अचानक से ऊंचाई की ओर ले जाता है और उतनी ही अकस्मात तरीके से आपको वापस जमीन पर लाकर पटक देता है।

बडे उतार चढ़ाव यह राहु की महादशा में या फिर अंतर्दशा में देखे जाते हैं , क्योंकि राहु एक नकारात्मक ग्रह है, और इसकी दशा भी जीवन में अपने नकारात्मक प्रभाव लेकर आती है। 

इसलिए बहुत जरूरी हो जाता है कि हम राहु की महादशा या अंतर्दशा के समय में ईश्वर की पूजा उपासना करें । जिससे देवी-देवताओं का आशीर्वाद हमें मिले। और जीवन में सकारात्मकता का समावेश हो। 

अब सवाल यह आता है कि जब राहु की दशा चल रही हो किस देवी या देवता की पूजा करने से जीवन में लाभ होता है?

राहू की महादशा में विशेषकर शिवजी की पूजा का महत्व है। शिव भगवान को भोले शंकर भी कहा जाता है ।

पुराणों में एक शिव ही है जो राक्षस और देवताओं दोनों को ही तपस्या करने पर बिना भेदभाव के मनोकामना पूर्ति का वर देते हैं ।


आप पुराणों में देखेंगे तो यह पाएंगे कि शंकर को भोले शंकर इसीलिए कहा जाता है। दानव भी इनकी पूजा और तपस्या करके इससे मनवांछित फल प्राप्त कर लेते थे। 

अब क्योंकि राहु एक राक्षस का ही कटा हुआ सर है।अर्थात राहू एक राक्षस है तो शिव भगवान की पूजा करने से राहू के प्रभावों को कम किया जा सकता है ।

राहु की महादशा में शिवजी की पूजा कैसे करें ?

एक बहुत ही लोकप्रिय मंत्र है ओम नमः शिवाय ! 


इस मंत्र का जाप कर सकते हैं। इस मंत्र के द्वारा आप राहु महादशा के दुष्प्रभावों को कम कर सकते हैं। 

जब जीवन में कोई नकारात्मक दशा चल रही होती है, उस वक्त ईश्वर की पूजा पाठ का विशेष फल मिलता है । क्योंकि देवी देवताओं की सकारात्मक ऊर्जा के जीवन में उतारने से जीवन की नकारात्मकता का नाश होता है।



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