राहु महादशा के उपाए• राहु महादशा में क्या करें?• राहु महादशा में क्या दान करें?• राहु महादशा में कौन सा रत्न धारण करें? राहु महादशा में क्या खाएं?
राहु महादशा एक मुश्किल महादशा मानी जाती है। राहु एक नकारात्मक ग्रह हैं और इस की महादशा 18 साल चलती है ।
किसी भी व्यक्ति के जीवन में जब राहु की महादशा आती है तो यह 18 साल उस व्यक्ति के लिए बहुत ही संघर्ष के, मुश्किल भरे साल होते हैं ।
राहु महादशा के लक्षण:
राहु महादशा में सबसे ज्यादा जो मुश्किल आती है, वह है, इंसान को मानसिक तनाव होना, मानसिक रोग होना, चिंताएं होना और उसकी बुद्धि का नकारात्मक होना।
क्योंकि राहु ग्रह सबसे ज्यादा इंसान के मन और बुद्धि को ही प्रभावित करता है, तो इस महादशा के दौरान इंसान की बुद्धि का भ्रष्ट होना, बुद्धि का नकारात्मक होना, बुद्धि का इंसान के संयम में ना रहना, बुद्धि गलत कामों में लगना, गलत विचारों का जन्म लेना, यह सब इंसान को गलत दिशा में ले जाते हैं। उसके बने हुए कामों को भी बिगाड़ देते हैं, और उसके लिए जीवन में हर तरह की नई-नई मुश्किलें और अड़चनें पैदा कर देते हैं ।
अब सवाल यह आता है कि जब राहु की महादशा चल रही हो और राहु की महादशा में मुश्किलें जीवन में पैदा हो गई हैं, तो ऐसे में इंसान क्या उपाय करें, कि राहु महादशा के बुरे प्रभाव को कम कर सके और अपने जीवन को बेहतर बना सकें।
राहु महादशा के उपाए:
कुछ उपाय जो इंसान राहु की महादशा के दौरान कर सकता है , वह निम्नलिखित हैं:
पहला उपाय : पूजा पाठ:
सबसे पहला तो आता है, पूजा पाठ। एक इंसान राहु की महादशा के दौरान पूजा पाठ में अपना समय लगाकर अपने मन को शांत कर सकता है।
व्यक्ति पूजा प्रार्थना से ईश्वर की कृपा का आवाहन कर सकता है।ईश्वर से अपनी सलामती के लिए और अपनी सुख समृद्धि के लिए प्रार्थना कर सकता है।
पूजा पाठ करने से व्यक्ति की बुद्धि सकारात्मक होती है। तो राहु की महादशा में बुद्धि पर जो नकारात्मक प्रभाव होते हैं , वह संतुलित हो जाते हैं।
आप जिस भी भगवान में मानते हैं, उनकी पूजा कर सकते हैं । विशेषकर शिव भगवान की पूजा राहु की महादशा में लाभकारी मानी जाती है ।
इसके अलावा भी अगर आप देवी माता में मानते हैं, हनुमानजी में मानते है या फिर श्री कृष्ण भगवान में मानते हैं, आपके जो भी इष्ट हैं जिस भी ईश्वर में आप मानते हैं, आप उनकी ही पूजा करें । उन्ही में अपना ध्यान लगाएं । उन्हीं से अपनी मुश्किलों के समाधान करने के लिए प्रार्थना करें ।
पूजा पाठ से आपका मन सकारात्मक होगा। आप में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होगा। ईश्वर की आप पर कृपा होगी। और राहु महादशा के जो नकारात्मक प्रभाव आपकी बुद्धि पर और आपके जीवन पर पड़ रहे हैं, वह कम हो जाएंगे ।
दूसरा उपाय: दान पुण्य
अब दूसरा रास्ता है दान पुण्य । कहते हैं कि दान पुण्य करने से ईश्वर की कृपा किसी व्यक्ति को प्राप्त हो सकती है ।तो राहु की महादशा में भी आप दान पुण्य करके राहु के कुप्रभावों को कम कर सकते हैं।
क्या दान करें:
राहु महादशा में क्या दान करें?
अब बात आती है कि दान किस चीज का करें ? आप सफेद वस्त्र का दान कर सकते हैं , सरसों के तेल का दान कर सकते हैं, खीर बनाकर बंटवा सकते हैं।
दान किसको करें?
आप ब्राह्मणों को पंडितों को वस्त्र दान कर सकते हैं। आप खीर दान कर सकते हैं ।
आप गरीब बच्चों को वस्त्रों का दान कर सकते हैं, गरीब लोगों को वस्त्र दान कर सकते हैं, अनाज का दान कर सकते हैं ।
आप जरूरतमंदों को उनकी जरूरत की चीजों का दान कर सकते हैं ।
दान का फल:
राहु महादशा में दान पुण्य का फल:
दान पुण्य और अच्छे कर्मों से आपके ऊपर अगर किसी बुरे ग्रह की महादशा चल भी रही है तो उसका संतुलन होता है, ईश्वर की कृपा आपके साथ साथ चलने लगती है।
तीसरा उपाय : रत्न धारण
राहु महादशा में कौन सा रत्न धारण करें?
अगला उपाए है रत्न धारण करना। कुछ ज्योतिष यह मानते हैं कि राहु की महादशा में आप गोमेद धारण कर सकते हैं, लहसुनिया धारण कर सकते हैं।
राहु ग्रह का रंग काला होता है, क्योंकि इसे अंधकार का प्रतीक माना जाता है। धुंध का प्रतीक माना जाता है।यह एक नकारात्मक ग्रह है, इंसान की बुद्धि को भ्रमित करता है, बुद्धि को अंधेरे में ले जाता है।
तो इसके लिए गोमेद रत्न माना गया है गोमेद काला होता है ।
राहु के लिए रत्न कैसे धारण करें:
कोई भी रत्न अपनी इच्छा से धारण मत करें । क्योंकि आपको उसके विषय में पूरी जानकारी नहीं है। जब भी आप कोई रत्न धारण करें, किसी पंडित से पूछ कर ही धारण करना है ।
रत्नो के यदि शुभ प्रभाव हो सकते हैं, तो अशुभ प्रभाव भी हो सकते हैं। इसलिए हर व्यक्ति के लिए कोई समान्य रत्न नहीम है ।
एक व्यक्ति की जन्म पत्रिका , कुंडली और उसकी ग्रहों की महादशा और दशा के हिसाब से ही उसे रत्न पहनने का सुझाव ज्योतिषियों द्वारा दिया जाता है।
चौथा उपाय: मंत्र जाप
राहु महादशा में क्या करें?
अब चौथा उपाय है मंत्र जाप । राहु की महादशा एक बहुत ही प्रभावकारी दशा है ।जो व्यक्ति के जीवन को नकारात्मक दिशा में तो बहुत बुरी तरीके से प्रभावित करती है ।
किसी भी व्यक्ति के ऊपर जब राहु की महादशा आती है तो उसकी बुद्धि भ्रमित हो जाती है। राहु उसके जीवन का नुकसान करता है। धन का नुकसान करता है।
राहु की दशा में व्यक्ति अपने जीवन के लक्ष्य को भूलकर गलत गलत रास्ते पर चलने लगता है । अपना समय नष्ट करता है। गलत संगत में पड़ कर नकरामक होने लगता हैं ।
इसलिए व्यक्ति को जिंदगी के नकारात्मक प्रभाव को कम करने के लिए मंत्र जाप करना चाहिए।
राहु महादशा में कौन सा मंत्र जाप करें?
अब बात आती है कि राहु की दशा में कौन सा मंत्र जाप करना चाहिए। तो राहु महादशा में राहु के मंत्र का जाप कर सकते हैं ।
आप ओम रां राहवे नमः , इस राहु के मंत्र का जाप कर सकते हैं।
इसके अलावा महादेव के मंत्र का जाप कर सकते हैं।
ओम नमः शिवाय बहुत ही प्रचलित मंत्र है । जिसका जाप कोई भी कर सकता है, कभी भी कर सकता है।
आपको जब भी समय मिले , शांत वातावरण में बैठकर, अपने मन को एकाग्र चित्त करके, आप ओम नमः शिवाय का जाप कर सकते हैं ।
या जिस समय आप पूजा पाठ कर कर रहे हैं, उस समय एक माला, तीन माला , या 21 माला, जितनी भी आपसे हो पाए आप शिव मंत्र ओम नमः शिवाय या राहु के मंत्र का जाप कर सकते हैं ।
कोई भी मंत्र जाप आप करते हैं तो उस ग्रह का या उस देवता की ऊर्जा का आपके जीवन में समावेश करता है ।
जितना अधिक आप मंत्र जाप करते हैं, उतना ही अधिक आप उस देवता की या उस ग्रह की उर्जा को अपने जीवन में आमंत्रित करते हैं।
तो इस तरह जब किसी अशुभ ग्रह की महादशा में आपके जीवन में नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव पड़ा होता है, आप मंत्रों की सहायता से उस ग्रह की या अपने इष्ट देव की सकारात्मक ऊर्जा को अपने जीवन में आमंत्रित कर सकते हैं , जिससे आपके जीवन का सुधार हो सकता है।
पांचवा उपाय: सत्विक भोजन
राहु महादशा में क्या खाएं?
सात्विक आहार बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण है । जब आप पर किसी नकारात्मक ग्रह की महादशा चल रही है , तो आप तामसिक आहार, गलत खानपान से दूरी बनाए रखें। शराब मांसाहार, ज्यादा तेल मिर्च मसाले, बासी खाना , सड़ा हुआ खाना यह सब ना खाने योग्य चीजों से आप दूर रहें ।
आपका आहार सात्विक होना चाहिए। उसमें ताजा फल, सब्जियां, दाल चावल, दूध दही इनका प्रयोग करें।आपका स्वास्थ्य सही रहेगा और एक सकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव आपके शरीर में होगा।
यह शरीर ही आत्मा का वाहन है, आत्मा शरीर में रहती है, शरीर जितना सुधरेगा, मन भी उतना ही सुधरेगा , बुद्धि भी उतनी सुधरेगी। और आप आत्मिक तौर पर ऊर्जावान महसूस करेंगे।
और अगर आप राहु की महादशा में मांसाहार करते हैं या शराब पीते हैं। बासी खाना खाते हैं और मसालेदार खाते हैं, सड़ा गला खाते हैं, तो आपके शरीर और मन में नकारात्मक ऊर्जा और ज्यादा बलवान होती चली जाएगी । और राहु के नकारात्मक प्रभावों से आपका जीवन नहीं बच पाएगा।
इसलिए बहुत जरूरी है कि अपना आहार सात्विक रखें ताकि आपका मन भी सात्विक रहे और राहु का नकारात्मक प्रभाव आपकी बुद्धि को भ्रमित, नकारात्मक ना कर पाए।
आशा है कि यह लेख आपको पसंद आया होगा और आप इन उपायों को अपने जीवन में अपनाएंगे। क्योंकि सिर्फ पढ़ना काफी नहीं है, बताई हुई बातों को जीवन में भी उतारना पड़ता है।
इन उपायों को अपनाकर अपने जीवन में सकारात्मकता लाइए और राहु महादशा के बुरे प्रभाव से अपने जीवन को बचाने के प्रयास करें।
स्वस्थ रहिए, सकारात्मक रहिए और हमेशा ईश्वर पर भरोसा रखें ।
अगर आपको और किसी तरह की जानकारी चाहिए तो कमेंट बॉक्स में अपनी बात रख सकते हैं। धन्यवाद।
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