राहु महादशा में क्या करें ? • राहु महादशा में क्या ना करें ? राहु महादशा के उपाय ! • rahu mahadasha remedies •
राहु की महादशा चल रही हो तो क्या उपाय करे ?
राहु महादशा में क्या करें?
What should I do in Rahu mahadasha?
राहु महादशा कितने साल चलती है?
Rahu mahadasha duration :
जब किसी इंसान के जीवन में राहु की महादशा आती है, तो वह 18 साल लगातार चलती है।
राहु महादशा में सबसे पहली दशा:
First antardasha in rahu mahadasha.
राहु की महादशा में सभी नौ ग्रहों की अंतर्दशा शुरू होती है I राहु की महादशा में सबसे पहली अंतर्दशा स्वयं राहु की ही होती है।
राहु की पौराणिक कथा:
राहु को पुराणों में एक राक्षस का सर माना गया हैI राहु के विषय में बहुत सी पौराणिक कथाएं प्रचलित है , जिनमें से एक कथा समुद्र मंथन से जुड़ी हुई है ।
राहु की समुद्र मंथन की कहानी:
समुद्र मंथन के समय एक राक्षस ने समुद्र से निकला हुआ अमृत पान कर लिया था। और विष्णु भगवान ने अपने सुदर्शन चक्र से इस राक्षस का सर उसके धड़ अलग कर दिया था । क्योंकि वह राक्षस अमर हो चुका था । इसलिए उसकी मृत्यु संभव नहीं थी । इसीलिए उस राक्षस का कटा हुआ सर और कटा हुआ धड़ दोनों ही जीवित रहें ।
राक्षस का कटा हुआ सर राहु कहलाया और राक्षस का कटा हुआ धड़ ही केतु कहलाया।
राहु महादशा के नकारात्मक प्रभाव:
Negative effects of Rahu mahadasha
राहु ग्रह राक्षस से जुड़ा हुआ है इसलिए राहु को नकारात्मक ग्रह माना जाता है। राहु स्वयं में कोई ग्रह भी नहीं है यह तो मात्र छाया ग्रह है।
North node of the moon
राहु को चंद्रमा की छाया माना गया है। इसे अंग्रेजी में नॉर्थ नोड ऑफ द मून कहते हैं।
राहु महादशा में क्या करें?
जब किसी व्यक्ति के जीवन में राहु की महादशा आती है तो सतर्क हो जाने की जरूरत है । क्योंकि राहु की महादशा अपने साथ उस व्यक्ति के जीवन में बहुत सारे नकारात्मक प्रभावों को लेकर आती है ।
राहु का प्रभाव :
क्योंकि राहु एक राक्षस का कटा हुआ सिर है, राहु सबसे ज्यादा प्रभाव किसी भी इंसान के सर पर डालता है। जिसमें इंसान की बुद्धि, उसकी दृष्टि, उसकी समझ और उसकी वाणी शामिल है।
राहु महादशा में क्या होता है?
बहुत संभव है कि राहु की महादशा में किसी व्यक्ति के जीवन में उसकी बुद्धि में विकार उत्पन्न हो। उसकी सोच समझ विकृत हो जाए। वह जीवन में गलत निर्णय लेना शुरू कर दे। उसकी वाणी में विकार शुरू हो जाए। वह अपने वचनों से दूसरों को आहत करना शुरू कर दें। झगड़े करना शुरू कर दें। और अपने संबंध बिगाड़ने लगे।
राहु महादशा से बचने के उपाय:
Remedies of rahu mahadasha:
यह बहुत जरूरी है कि राहु की महादशा में व्यक्ति अपने फैसलों पर अधिक गौर करें ।
सोच समझकर ही जीवन में बड़े निर्णय लें ।
चीजों को सही तौर पर समझने की कोशिश करें ।
अपनी बुद्धि में स्पष्टता लाएं, चाहे इसके लिए उसे सत्संग का, ध्यान का मार्ग ही अपनाना पड़े ।
राहु दशा के प्रभाव:
जब राहु की महादशा प्रारंभ होती है, व्यक्ति अपने मार्ग से भटक जाता है। जो रास्ते उसने अपने लिए बनाये होते हैं, उसने अपने निर्धारित किए होते हैं, वह उनसे भटक जाता है उसका मन विचलित हो जाता है। और वह गलत रास्ते को ही सही समझने लगता है , सही रास्ते को गलत समझता है।
Rahu effect on mind
कहा जाता है ना विनाश काले विपरीत बुद्धि! समझ लो कि राहु की महादशा पर यह वाक्य एकदम सटीक बैठता है।
राहु महादशा में क्या करें?
इसलिए बहुत जरूरी है कि राहु की महादशा में कोई भी व्यक्ति अपने निर्णय पर गौर करें।
उसने जो लक्ष्य बनाए हैं उन पर अपने आप को साधे।
जो मुश्किले उसके रस्ते में आएंगी वह ज्यादातर मानसिक होंगी, इसीलिए अपने मन को वश में करने के लिए, और सही रास्ते में चलाते रहने के लिए ऐसे व्यक्ति को सत्संग, ध्यान, पूजा, पाठ आदि का सहारा लेना चाहिए।
राहु की महादशा में विशेषकर व्यक्ति को बुरी संगत मांस मदिरा के सेवन से बचना चाहिए, क्योंकि राहु बुद्धि को विकृत करता है, और मांस मदिरा यह तामसिक आहार है, जो कि व्यक्ति की बुद्धि को तामसिक बनाते हैं।
बुरी संगति किसी भी इंसान को बुरे रास्ते में ले जाने के लिए और उसे अपने मार्ग से भटकाने के लिए काफी है, इसलिए राहु की महादशा में इंसान को खुद को प्रयत्न पूर्वक सही रास्ते पर लगाकर और बुरे रास्तों से बचा कर रखना चाहिए।
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