औरत की जन्म कुंडली में वृहस्पति ग्रह पति का कारक ग्रह होता है ।

jupiter in female bithchart

jupiter in female horoscope

किसी भी औरत की जन्म कुंडली में बृहस्पति ग्रह पति के स्वभाव, पति के साथ उसके संबंध और उसकी विवाह यानी शादी की स्थिति को दर्शाता है।

गुरु बृहस्पति एक औरत की जन्म कुंडली में उसके पति का द्योतक होता है ।

Jupiter is indicator of husband in female bithchart.

बृहस्पति ग्रह किसी भी व्यक्ति की जन्म कुंडली का सबसे ज्यादा अधिक शुभ ग्रह माना जाता है । एक औरत की कुंडली में बृहस्पति की अच्छी स्थिति दर्शाती है कि उसके विवाह के बाद उसके जीवन में बहुत सी खुशियां आएंगी, उसका पति उसे सुख देगा, उसका ख्याल रखेगा, उसका जीवन शादी के बाद उसके पति के साथ अच्छा गुजरेगा।

मंगल स्त्री की कुंडली में उसके प्रेमी को दर्शाता है।

Mars is an indicator of passionate lover in female bithchart if he is not her husband.

यदि एक औरत किसी से प्रेम संबंध में है, मगर उसके साथ उसकी शादी नहीं होती है तो इस स्थिति में औरतों की कुंडली में मंगल ग्रह उसके प्रेमी की स्थिति को दर्शाता है। क्योंकि मंगल एक ऊर्जावान ग्रह है और यह एनर्जी को भी दर्शाता है जो कि प्रेम संबंधों में बहुत गहन और गहरी होती है।

इसके विपरीत शादी के संबंध में गुरु यानी बृहस्पति का प्रभाव होता है, बृहस्पति ग्रह किसी के भी जीवन में एक गुरु, एक दोस्त, एक मित्र को दर्शाता है।

गुरु मित्र है, सही मायनों में स्त्री का पति उसका मित्र है।

Jupiter is a friend in female horoscope

एक अच्छा पति होने के लिए एक अच्छा दोस्त होना बहुत जरूरी है। मंगल ग्रह एक ऐसे प्रेमी के उर्जा को दर्शाता है जो बृहस्पति की उर्जा में नहीं होता , यानी कि जो उस स्त्री का पति या उसके साथ विवाह संबंध में नहीं होता है।

वृहस्पति एक स्त्री के जीवन में एक जिम्मेदार पुरुष को दर्शाता है जो उस स्त्री का और उससे उत्पन्न सन्तान का भरण पोषण कर्ता है :

Jupiter is indicator of a responsible male in a female's life in her bithchart.

बृहस्पति या पति सही मायने में वह है, जो जिम्मेदारी लेता है, जो ख्याल रखता है, जो एक अच्छा मित्र होता है, जो अच्छी भावना रखता है।

अगर किसी स्त्री का बृहस्पति अच्छी स्थिति में नहीं है, तो ऐसे में उसके विवाह के बाद उसके पति से संबंध में उसे परेशानी हो सकती है।

अगर किसी स्त्री का मंगल अच्छी स्थिति में नहीं है तो ऐसी स्त्री को अपने प्रेमी के साथ प्रेम संबंध में बहुत अधिक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है ।

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