राहु पहले घर में • 
राहु प्रथम भाव में • 
लग्न में राहु  •  
Rahu in first house • 
Rahu in Lagna  • 

राहु 1 भाव में हो तो क्या होता है?

राहु अपने आप में कोई ग्रह नहीं है, बल्कि यह चंद्रमा की छाया है । राहु और केतु दोनों ही ग्रह न हो के चंद्रमा की छाया माने जाते हैं । पर ज्योतिष मे इन्हे भी ग्रह की जगह दी गयी है। 

ज्योतिष शास्त्र में राहु और केतु को नकारात्मक माना जाता है । राहु राक्षस का सर है ,और केतु राक्षस का धड़। 

कुंडली का पहला घर या प्रथम भाव लग्न माना जाता है। अगर लग्न में यानी कुंडली के पहले घर में राहु बैठा हो तो इसका क्या मतलब होता है ,आइए समझने की कोशिश करते हैं। 


लग्न में राहु हो तो क्या फल देता है?

राक्षस का सर 
 Rahu is Devil's Head .

राहु राक्षस का सर है । और इसीलिए राहु मुख्य रूप से सर को और बुद्धि को प्रभावित करता है । क्योंकि राहु एक नकारात्मक ग्रह हैं। इसलिए यह बुद्धि को काफी हद तक नकारात्मक दिशा में ही प्रभावित करता है । 

उदाहरण के तौर पर राहु किसी व्यक्ति को मानसिक तौर पर परेशानी में डाल सकता है । ऐसे व्यक्ति को तनाव अधिक रहता है। ऐसा इंसान ज्यादा बहुत ज्यादा सोचता है । ज्यादा विचार करता है । और उसके विचार करने का अधिकता इतनी हो सकती है, कि कह सकते हैं कि वह बाल की खाल निकाल सकता है। 

लग्न में राहु का प्रभाव

छाया ग्रह 
 Rahu - a Foggy planet .

rahu ka dimag par prabhav

 राहु एक छाया ग्रह है इसलिए इसे धुँध जैसा भी माना जाता है। मस्तिष्क पर भी कुछ इसी तरीके का प्रभाव डालता है कि ये इंसान के मस्तिष्क में अंधकार और धुंध पैदा करता है । ऐसे इंसान को जिसका राहु पहले भाव में है परिस्थितियां साफ तौर पर आसानी से समझ में नहीं आती । चीजों को लेकर उसके दिमाग में स्पष्टता या clarity इतनी जल्दी नहीं मिल पाती बहुत संघर्ष के बाद ही चीजें अपने सही अर्थ में समझ में आती हैं। 

rahu in first house in hindi

हालाँकि दूसरी तरफ राहु प्रथम भाव में एक व्यक्ति को बहुत ज्यादा बुद्धिमान और समझदार भी बनाता है। ऐसे इंसान हर चीज में और हर काम में अपना बहुत दिमाग चला कर उसको करते हैं और इस कारण से हर चीज को सोचने और समझने और सोच समझकर करने की आदत ऐसे इंसान में देखी जाती है। 


साहस और दुस्साहस 
 Rahu makes a person dare . 

kundali ka pahla bhav kya batata hai

कुंडली का पहला घर या प्रथम भाव इंसान की व्यक्तित्व यानि पर्सनालिटी को बताता है । जब राहु प्रथम भाव में होता है तो ऐसे इंसान को हिम्मतवाला बनाता हैं। ऐसा इंसान कोई भी कदम उठाने से पहले बहुत डरते नहीं है या पीछे नहीं हटते हैं बल्कि जो चीज ठान लेते हैं उसको कर डालते हैं। और कई बार ऐसे लोगों को राहु दुस्साहसी भी बनाता है, कुछ गलत कदम उठाने से पहले भी ऐसे लोग परिणाम से या नुकसान से डरते नहीं हैं। 


राजनीतिक गुण 
 Politics is Rahu's character . 

pehle bhav me rahu ka fal

राहु इंसान की बुद्धि को प्रभावित करता है । यही राजनीति के क्षेत्र को भी छूता है। ऐसे लोग जिनका राहु पहले घर में है वह अच्छे तौर पर राजनीति कर सकते हैं । और राजनीतिक गुणों से कई लोगों के बीच में अपना एक ऊंचा स्थान बना सकते हैं ।

प्रभावशाली व्यक्तित्
Rahu makes a person Influential.

ऐसे लोग प्रभावशाली व्यक्तित्व के होते हैं । ये बहुत आसानी से दूसरे लोगों पर अपना प्रभाव कायम करते हैं। ऐसे लोग जिनका राहु प्रथम भाव में है, अच्छे इनफ्लुएंसर हो सकते हैं। 


तेज बुद्धि 
 Rahu makes a person intellectual . 

ऐसे लोग दूसरे लोगों को आदेश देना पसंद करते हैं। और लोग उनको सुनना पसंद करते हैं क्योंकि ऐसे लोग जिनका राहु पहले भाव में है उनकी बुद्धि बहुत तेज होती है । वह किसी भी चीज की तमाम पहलुओं को छू लेते हैं, और समझ जाते हैं अपनी तेज बुद्धि के कारण। 

शादी में तकलीफें 
 Rahu creates Trouble in marriage in relationship . 

pratham bhav me rahu ka fal

कोई भी ग्रह है अपने से एकदम सामने वाले घर को भी देखता है । इसी तरह राहु प्रथम भाव से सातवें घर को देखता है । सातवां घर शादी और रिलेशनशिप का घर होता है। और जो कि राहु नकारात्मक ग्रह हैं इसलिए यह शादी और रिलेशनशिप में प्रॉब्लम ,तकलीफें और परेशानियां पैदा करता है। इसीलिए ऐसे लोग जिनका राहु प्रथम भाव होता है ऐसे लोगों की शादी और भावनात्मक रिश्ते कई बार खराब होते रहते हैं। 


बुरी वाणी 
 Rahu makes speech rough and rude . 

क्योंकि राहु सर के हिस्से को प्रभावित करता है यह इंसान की कठोर और बुरी वाणी को भी दिखाता है । ऐसे लोग बहुत ज्यादा बोलते हैं। बहुत सटीक बोलते हैं । बोलने से पहले यह नहीं सोचते शायद कि किसी को बुरा लग सकता है। 

जुबान से वश 
Rahu creates Influencial speech .

ऐसे लोग रूखा बोल सकते हैं । ऐसे लोगों की बातें सामने वालों को चोट भी पहुंचा सकती हैं क्योंकि राहु वाणी पर भी दुष्प्रभाव डालता है । लेकिन अगर राहु अपने अच्छे प्रभाव देने लगे तो ऐसे लोग राजनीति कर पाते हैं और अपनी जुबान से ही बहुत सारी जनता को अपने वश में भी कर लेते हैं। 



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