साधु अकेला चलता है! The Hermit wanders alone. ' द हरमिट् ' टैरो कार्ड का मतलब • The Hermit Tarot card meaning in hindi
द हर्मिट टैरो कार्ड का मतलब
The hermit tarot card meaning
साधु अकेला चलता है ।
Hermit wanders alone.
साधु अकेला ही भ्रमण करता है। वह जगह जगह घूमता है । एक जगह रुकता नहीं। वह किसी खोज में है । उसे सत्य की तलाश है ।
The Hermit tarot card दर्शाता है एक ऐसे व्यक्ति को, जो अपने आध्यात्मिक सफर पर निकल पड़ा है ।
अकेले ही । उस राह में अगर उसे कोई साथी मिले तो ठीक, ना मिले तो ठीक , मगर यह उसका सफर है और वो जानता है कि उसे अकेले ही चलना है ।
पर्वतों पर सफर :
On mountains :
The hermit tarot card मे , साधु पहाड़ों पर अकेला आगे बढ़ रहा है ।
पहाड़ दर्शाते हैं , ऊंचाइयों को । यह आध्यात्मिक ऊँचाइयाँ हैं, जिन पर एक साधु पहुंचा है । यहाँ शहर की, बस्तियों की भीड़ नहीं है, क्योंकि आध्यात्मिक स्तर पर सबका पहुंचना बहुत आसान नहीं है ।
जैसे-जैसे आध्यात्मिक स्तर पर कोई व्यक्ति ऊपर उठने लगता है , उससे जुड़े वह लोग पीछे छूटने लगते हैं जो अभी तक आध्यात्मिक स्तर की ऊंचाइयों तक नहीं पहुंचे हैं।
जिन्हें अपने अध्यात्मिक स्तर पर अभी और काम करना है। जैसे-जैसे एक साधु ऊंचाइयों पर पहुंचता जाता है उसे अकेले ही आगे बढ़ना होता है।
अध्यात्म के रास्तों पर बढ़ते कदम :
Walking the spiritual path
एक साधु के कदम हमेशा उसकी आध्यात्मिक सफर की दिशा में बढ़ रहे होते है ।
The hermit tarot card एक ऐसे व्यक्ति को दर्शाता है जिसने अपने जीवन की दिशा को अध्यात्म में ढूंढ लिया है ।
जिसका सफर आध्यात्मिकता की ओर है । जो खुद को जानने के लिए अपनी अंतरात्मा की आवाज पर अपने आध्यात्मिक सफर में आगे बढ़ रहा है।
इन ऊंचाइयों पर सबका सफर करना आसान नहीं :
Not everybody reaches that heights:
साधु जिन पहाड़ों पर अपना सफर तय कर रहा है , सबके लिए यह सफर आसान नहीं है । और इसीलिए इस सफर में ज्यादातर लोग अपना कदम नहीं बढ़ाते ।
क्योंकि अध्यात्मिक सफर कठिन है । लोगों का डर और अज्ञान उन्हें उस सफर पर आगे बढ़ने से रोक देता है । और इसीलिए साधु अकेला ही चल पड़ता है, क्योंकि वह अब इस सफर के लिए और नहीं रुक सकता। किसी के साथ आने का इंतजार नहीं कर सकता । उसका समय तो आ चुका है , उसे अब आगे बढ़ना ही है।
हाथ में प्रकाश :
Holds a lantern:
साधु जिस सफर पर निकल पड़ा है, वह पहाड़ों का सफर है । अंधेरा है , रोशनी नहीं है । यहाँ इंसानो की बस्तियाँ नहीं हैं । ये शहर नहीं है । यहाँ कोई रोशनी नहीं है ।
पहाड़ है, शायद ही इन रास्तों पर पहले भी कोई आया हो । यह तो साधु का सफर है । उसे नहीं मालूम कि अगले कदम पर क्या है , वह तो बस हाथ में लालटेन लेके अपने आगे वाले कदम को बढ़ा रहा है।
उसे दूर तक कुछ दिखाई नहीं दे रहा , उसे नहीं पता कि आगे क्या है , पर वह अपने हाथ में प्रकाश को लेकर चल रहा है । और उस प्रकाश से ही वह अपना अगला कदम तय कर रहा है ।
ये प्रकाश उसकी आत्मा का प्रकाश है । उसकी अंतरात्मा की आवाज का प्रकाश है, जो साधु का मार्गदर्शन कर रहा है ।
वह दूर तक तो नहीं देख सकता , मगर उसकी अंतरात्मा उसे उसका अगला कदम बता रही है।
एक अनुभवी और परिपक्व इंसान:
Large beard, spiritually mature person:
साधु ने सफेद चोगा पहना है और उसकी सफेद लंबी दाढ़ी है । जो कि बता रही है कि उसने जीवन में बहुत साल बिताएं हैं, उसने बहुत कुछ देखा है , बहुत कुछ अनुभव किया है । जिसने उसे एक परिपक्व इंसान बना दिया है। उसकी उम्र की परिपक्वता को दर्शाती है।
यह उम्र सिर्फ उसकी शरीर की उम्र नहीं है, बल्कि उसकी आत्मा की परिपक्वता को भी दर्शाती है।
साधु ने व्यक्तित्व के निचले स्तर पर बहुत से अनुभवों को जिया है, और वह उन से ऊपर उठकर अब आध्यात्मिकता की ऊंचाइयों तक पहुंचने के लिए अपने सफर पर निकल पड़ा है।
भीतर की ओर :
Going inside :
The Hermit tarot card एक ऐसे व्यक्ति को दर्शाता है जो अपने भीतर की ओर जा रहा है । जिसने शायद यह जान लिया है कि उसने बाहरी दुनिया में सब जान समझ और देख लिया है।
अब उसे जिन सवालों के जवाब चाहिए, उसको बाहरी दुनिया में खोज पाना उसके लिए और संभव नहीं , उसे अपने भीतर ही जाना होगा।
ये ध्यान का मार्ग है , ये योग का मार्ग है। जिस पर चलकर उसे अब अपने सत्य को ढूंढना है।
जब वह अपने भीतर उतर चुका है तो राह में सिर्फ अंधेरा ही अंधेरा है । केवल अपनी आत्मा के प्रकाश से ही वह आगे का रास्ता खोज सकता है । और अपनी अज्ञात मंजिल तक पहुंच सकता है।
सत्य की खोज :
Seeking the truth :
The Hermit दर्शाता है एक ऐसे व्यक्ति को , जिसे सत्य की खोज है । और उस खोज में वह अपने आध्यात्मिक सफर पर निकल चुका है।
ये यह भी दर्शाता है कि इस व्यक्ति को बाहरी दुनिया में सब व्यक्तियों के बीच रहकर जो भी अनुभव मिले, उसमे उसको संतुष्टि नहीं मिली ।
उसकी भीतर की जिज्ञासा शांत नहीं हुई और इसीलिए उसे इस खोज पर निकलना पड़ा है ।
अकेले का सफर :
Journeys alone :
साधु का सफर अकेले का सफर है । वो जानता है कि साथ के लोग पीछे छूट चुके हैं । वो उसके दोस्त यार नातेदार उसके साथ नहीं आ सकते क्योंकि उनका आध्यात्मिक सफर तब शुरू होगा जब उनके भीतर भी सत्य को जानने की जिज्ञासा पैदा होगी ।
अभी उनका समय नहीं आया है । साधु को अब अकेले ही सफर तय करना है, क्योंकि वह अब और इंतजार नहीं कर सकता उसका समय आ गया है ।
जीवन की गति धीमी होना:
Slowing down:
यह कार्ड बताता है कि ऐसा व्यक्ति जीवन की भागदौड़ से दूर जाना चाहता है चाहता है । और उसके जीवन की गति धीमी पड़ रही है । क्योंकि अब वह बाहर की ओर और नहीं दौड़ना चाहता है ।
वह तो जाना चाहता है अपने भीतर। खुद को समझना चाहता है । वह अब भौतिकवादी दुनिया में बिना मतलब की भाग दौड़ में पढ़ना नहीं चाहता।
खुद की हीलिंग :
Healing one's self:
साधु का यह सफर खुद की हीलिंग ( healing) का सफर है । जीवन की भागा दौड़ी और जीवन के थपेड़ों ने एक व्यक्ति को इस कदर बेचैन और बेहाल कर दिया है । कि यह व्यक्ति खुद को हील करने के लिए एक नए सफर पर निकल रहा है ।
वह खुद को फिर से पहले जैसा ऊर्जावान, स्वच्छंद और जीवंत महसूस करना चाहता है , मगर उसके लिए उसको हीलिंग की क्रिया से गुजरना होगा । और साधु का सफर इसी ओर है।
अज्ञात के अंधकार में , आत्मा का प्रकाश :
It's night, but he holds the light:
जिस अंधकार में साधु सफर में आगे बढ़ चला है, वह अंधकार अज्ञान का अंधकार है । और हाथ में जो प्रकाश लिए वह आगे बढ़ रहा है , वह उसकी आत्मा का प्रकाश है । जो उसका दिशा निर्देशन कर रही हैं ।
अंधेरा चाहे जितना भी गहरा क्यों ना हो, साधु अपना रास्ता ढूंढ लेगा अपनी अंतरात्मा के प्रकाश से!
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