अकेलापन अवसर है ! अपने भीतर जाने का !
जब कभी भी जिंदगी में अगर हम अकेलापन महसूस कर रहे हैं , तो ऐसा बहुत कुछ है जो करके हम बेहतर महसूस कर सकते हैं ।
और इस अकेलेपन में भी अपने समय और जिंदगी को बेहतर बना सकते हैं ।
आत्म मंथन
Self reflection :
अकेलापन एक बहुत अच्छा मौका है अपने भीतर जाने का । आत्म मंथन करने का ।
जब कोई नहीं होता, तो शांति होती है , शोर नहीं होता ।तब इंसान अपने भीतर जा सकता है । आत्म चिंतन कर सकता है ,आत्ममंथन कर सकता है ।
ये इंसान का खुद का चुनाव है , कि वह इस अकेलेपन के दौर में उदासी और निराशा की भावनाओं को खुद पर हावी होने देता है , या फिर इस समय का उपयोग अपनी भावनाओं और अपनी सोच को विश्लेषण करने में उपयोग करता है ।
ध्यान , योग , व्यायाम :
Meditation, yoga, exercise:
ध्यान से बुद्धि बलवान होती है, योग से आत्मा बलवान होती है , और व्यायाम से शरीर बलवान होता है ।
अकेलापन या खाली समय वह समय है , जब इंसान अपने आप के ऊपर काम कर सकता है ।
वह ध्यान करके अपनी बुद्धि को स्थिर और एकाग्र चित्त बना सकता है , योग से अपनी आत्मा को, अपने प्राण शक्ति को और बलवान बना सकता है, और व्यायाम से अपने शरीर को स्वस्थ और मजबूत बना सकता है।
खाली समय या अकेलेपन के समय का सदुपयोग करके कोई भी इंसान अपने जीवन को और बेहतर बना सकता है।
जीवन की तैयारी :
Preparing for life:
जब आपके साथ सब लोग होते हैं , कोई जीवनसाथी होता है , तो एक जिंदगी होती है । समय कैसे गुजरता है पता नहीं चलता ।
लेकिन अकेलेपन में समय ही नहीं कटता । लगता है कि कोई नहीं है , किसी का साथ नहीं है ।
यह वह समय है जब आप आने वाले जीवन की तैयारी कर सकते हैं । खाली समय , अकेलेपन वाले समय को खुद को बेहतर बनाने में लगा सकते हैं ।
समय का तो स्वरूप ही ऐसा है कि वह बदलता रहता है । आज अकेले हैं तो हमेशा अकेले ही हों, ऐसा बिल्कुल भी संभव नहीं।
तो जब वह समय आए कि सब आपके साथ फिर से हो , जीवन में कोई अकेलापन ना हो, तो आप तैयार हो जीवन को पूरी ढंग से जीने के लिए।
आराम फर्माइये :
Relax :
जिंदगी तो चलती ही रहती है , इंसान भी चलता रहता है। और वह थकता रहता है ।
उसे भागदौड़ से रुकने का समय ही नहीं मिलता। अगर किसी के जीवन में ऐसा समय आ जाता है , जब वह अकेला पड़ जाता है ।तब फिर अगर सकारात्मक ढंग से सोचें तो यह समय है आराम फरमाने का !
आराम कीजिए ! जीवन मे जो भागते भागते, दौड़ते दौड़ते, थकान हो चुकी है । उस थकान को दूर करने का यही समय है ।
खूब आराम कीजिए ! सिर्फ शरीर से नहीं , मन से , बुद्धि से , भावनाओं से ! हर तरीके से आराम का यही समय है ।
अपनी बुद्धि को विश्राम देने का , अपनी भावनाओं को विश्राम देने का , अपने जीवन की हर तरीके की भागदौड़ को विश्राम देने का ।
अपने खाने-पीने की आदतों पर विचार कीजिए :
Reconsidering food habits:
जैसा खाना आप के परिवार वाले खाते हैं , आपके दोस्त यार खाते हैं, वैसा ही खाना आप भी खाने लगते हैं ।जैसा खाना आपके घर में बनता है, वैसा ही खाना आप खाने लगते हैं ।
जब कभी आप अकेले पड़ जाए और आपको खाली समय मिले तो एक बार अपने खाने-पीने की आदतों पर विचार जरूर करें ।
वह कहावत तो सुनी होगी "जैसा अन्न वैसा मन "। आपका इस बात पर ध्यान देना बहुत जरूरी है कि जो खाना आप खा रहे हैं, वह आपके शरीर के लिए और मन के लिए अच्छा है कि नहीं ।
वह आपके शरीर को और मन को पोषण दे रहा है या खराब कर रहा है।
सात्विक आहार:
अगर आप सात्विक खाना खा रहे हैं आपके खाने में फलाहार सब्जियां शामिल है, तो आपका मन भी स्वस्थ रहेगा और अकेलेपन में भी नेगेटिविटी डिप्रेशन यानी अवसाद जैसी भावनाएं आपकी मन और बुद्धि पर हावी नहीं होंगी ।
लेकिन अगर आप तामसिक भोजन कर रहे हैं, जैसे कि मांसाहार । तो अकेलेपन में ऐसा खाना आपके मन और बुद्धि को नकारात्मक ही बनाएगा।
जीवो को ना मारे । ना ही उनकी मृत्यु और पीड़ा का कारण बने:
Not killing animals :
किसी भी प्राणी की हत्या करके उसको खाना किसी भी तरीके से गैर मानवीय ही है ।
मांसाहार मन पर बुद्धि पर और शरीर पर कई प्रकार के नकारात्मक प्रभाव डालता है । और आपकी प्रकृति और
प्रवृत्ति को भी नकारात्मक ही बनायेगा ।
अगर आप अकेलेपन में है और अवसाद की स्थिति से बचना चाहते हैं तो आपका खान-पान सात्विक होना बहुत जरूरी है, ऐसे में मांसाहार को आप पूरी तरीके से छोड़ दें तो ही अच्छा है।
बुरी लत से बाहर आने के प्रयास करें:
Leaving addictions:
अकेलापन या खाली समय आपको किसी भी प्रकार की बुरी लत, जैसे नशे आदि की तरफ धकेल भी सकता है ।
और यही समय है कि अगर आप पहले से ऐसी बुरी लत और आदतों के शिकार हैं तो आप इस समय को ऐसी आदतों को छोड़ने के लिए कोशिश करने में लगाएं। चुनाव हमेशा आपका ही है।
सफाई करे :
Cleaning :
अकेलापन है ? खाली समय है?
तो बोर होने और बीते हुए कल को सोच के रोने से तो अच्छा है, कि आप सफाई करें । अपने तन की , अपने मन की और अपने घर की ।
आपको बेहतर महसूस होगा । आपके आसपास एक अच्छी सकारात्मक ऊर्जा का निर्माण होगा और आप बेहतर महसूस करेंगे ।
पैसे बचाएं, सिर्फ वस्त्विक ज़रूरतो पर खर्चें :
Saving money, spending on real needs :
अकेलापन है तो इसके कई फायदे भी हैं। आप अगर सदा दोस्तों से घिरे नहीं रहते । आप ज्यादा घूमते फिरते नहीं , आप ज्यादा खर्च नहीं करते ।
यह समय है , जब आप पैसे बचा सकते हैं और सिर्फ वास्तविक जरूरतों पर उसे खर्च कर सकते हैं ।
इस समय बचा हुआ पैसा आने वाले समय में आपकी जरूरतो पर काम आ सकता है।
अकेलेपन में बैठकर उदास ना हो बल्कि पैसा बचाएं और अकेलेपन से होने वाले फायदों के बारे में सोचकर खुश हों ।
बिना मतलब के रिश्ते से मुक्ति:
No fake relations:
दुनिया में आपके अच्छे समय में आपको अपना दोस्त कहने वाले रिश्तेदार कहने वाले बहुत से लोग आपके इर्द-गिर्द मिल जाएंगे ।
लेकिन जब आपका वक्त अच्छा नहीं होता, तो यही दोस्त आप को अकेला भी छोड़ सकते हैं।
अकेलापन वह समय है , जब वास्तव में आपको ऐसे बेमतलब के रिश्तो से मुक्ति मिल जाती हैं, जो कि आपकी ऊर्जा को बर्बाद ही करते हैं , किसी भी तरीके से आपके जीवन को बेहतर बनाने में कोई का सहायक सिद्ध नहीं होते।
पैसे कमाने की होड़ नहीं:
No job stress:
अगर आप अकेले हैं ,आप अकेलापन महसूस करते हैं तो आपको यह सोच कर खुश हो जाना चाहिए कि आपको बहुत ज्यादा पैसे कमाने की होड़ करने की जरूरत नहीं ।
क्योंकि आपको अपने लिए चाहिए ही कितना? जितने में सुकून हो आपके लिए तो बस इतना ही काफी है ।
आप चाहे तो सिर्फ पार्ट टाइम काम करके भी अपने जीवन की जरूरतों को पूरा कर सकते हैं । सल में जब आप अकेले हैं, तब आप मस्त हैं क्योंकि आपको किसी और की चिंता करने की जरूरत नहीं ।
जिनके पास बीवी बच्चे , पति है , परिवार है । उनके ऊपर बहुत जिम्मेदारियां हैं। और बहुत सारी सरदर्दी भी ।
यही सोचकर खुश होइये । यह दुख नहीं खुशी मनाने का टाइम है ।
खुद में नई ऊर्जा पैदा करें:
Detoxify, Reset and rejuvinate:
अकेलापन वह समय जब आप अपनी पूरी ऊर्जा को अपने ऊपर ही केंद्रित कर सकते हैं । अपने शरीर को अपने मन को डीटॉक्सिफाई कर सकते हैं । और इस समय में अपने लिए एक नई ऊर्जा को अपने अंदर पैदा करने की कोशिश कर सकते हैं।
रचनात्मक बने:
Be creative :
अगर आप अकेले हैं , तो यही वह समय है जब आप अपनी शौक पूरे कर सकते हैं, जो आप पहले नहीं कर पाये ।
अगर आपके अंदर कोई रचनात्मक प्रतिभाएं हैं, तो इस समय आप उनको निखारने की कोशिश कर सकते हैं ।आप अपने अंदर के छुपे हुए किसी भी प्रकार के क्रिएटिव स्किल्स ( creative skills) पर ध्यान दे सकते हैं और उस दिशा में काम कर सकते हैं।
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