कई बार ऐसा होता है, कि विचारों का शोर हमारे दिमाग को पूरी तरीके से जकड़ लेता है । कई तरह के विचार हमारे दिमाग में एक साथ आने लगते हैं । 

बीते हुए कल की बातें, आने वाले कल की चिंता , सब एक साथ दिमाग में उमड़ने लगती हैं ।

सोच सोच के दिमाग का बुरा हाल हो जाता है । और बेचैनी इतनी बढ़ जाती है , कि कुछ समझ में नहीं आता कि इस मानसिक उलझन से, विचारो के इस तूफ़ान से कैसे बाहर आया जाए। 

आखिर क्या है ऐंग्ज़ाइटी
What  is anxiety ? 

जब अत्यधिक सोचने के कारण तनाव इतना बढ़ जाता है कि इंसान को बेचैनी होने लगती है, उसकी हार्टबीट बढ़ जाती है , उसकी सांसें उखड़ने लगती है , इसी को एंजाइटी कहते है। 

विचारों के इस शोर को शांत कैसे करें? 
How to overcome anxiety

अगर आपको एंग्जायटी होने लगे , तो ऐसे में आपको क्या करना चाहिए , या आप ऐसा क्या कर सकते हैं , जिससे आप विचारों के इस तूफान को शांत कर पाए , इससे बाहर आ पाए। 

अपने आप को किसी ना किसी काम में व्यस्त कर ले।
 Engage yourself into some physical activity 
जब भी आपको ऐंग्ज़ाइटी होने लगे। और नकारात्मक विचारों ने आपके दिमाग को पूरी तरीके से जकड़ लिया हो ।

तो सबसे पहले आप कोई ना कोई काम करना शुरू कर दें ।  किसी न किसी तरीके की फिजिकल एक्टिविटी में अपने आप को एंगेज कर ले । 


कुछ नहीं है करने को , तो बस टहलने ही निकल जाए। 
 Dont just sit there and keep thinking,
Move, just go for a walk 

बैठ कर सोचना छोड़ें । उठे । चलना शुरू करें। किसी काम को करना शुरू कर दें। कुछ नहीं है करने को तो बस walk पर निकल जाये। 

या अगर आप घर में बैठे हैं आप को नहीं समझ में आ रहा कि आप क्या करें , तो आप कोई भी छोटा मोटा काम करना शुरू कर दें  । 

घर में बहुत से काम होते हैं।
किसी भी छोटे-मोटे काम में खुद को व्यस्त कर लें।
Clean your house, try cooking something,  do whatever , but engage yourself in some work. 

आप आप घर की सफाई कर सकते हैं ।आप खाना बना सकते हैं , कपड़े धो सकते हैं। बस कुछ ना कुछ करके अपने आप को किसी ना किसी काम में लगाएं । 

कुछ नहीं समझ आये तो बस आप एक वॉक पर निकल जाए । 

अपने शरीर की ऊर्जा को खर्च करें। 
any physical activity will consume your energy , that was being consumed by your overthinking mind.

जब आप बहुत ज्यादा सोचने लगते हैं तो आपकी शरीर की सारी ऊर्जा आपके दिमाग की तरफ जाने लगती है बहुत जरूरी है कि इस ऊर्जा को आप किसी और काम में लगाये। इससे होगा यह कि आपके शरीर की जो ऊर्जा आपकी चिंता और विचारों में लग रही थी वह अब शारीरिक कार्यों के द्वारा खर्च होने लगेंगे और आपका दिमाग शांत होने लगेगा। 

धैर्य रखें। भरोसा रखें। 
Have patience. Keep faith. 

इस बात को समझना बहुत जरूरी है कि आप के मन मस्तिष्क में जो भी चिंता , तनाव , जो समस्याएं हैं , वह कोई 1 दिन में दूर नहीं हो जाएंगे । और ना ही सब समस्याएं एक साथ दूर हो सकते हैं। 

परेशान होने से समस्याए दूर नही होती। 
No situation improves from overthinking and worrying

एक साथ सारी चिंताओं को दिमाग में सोचने मात्र से आपके जो भी हालात हैं , वह बदल नहीं जाएंगे । और बहुत ज्यादा सोचते रहने से भी आपकी समस्याएं दूर नहीं हो जाएंगे । आप की वर्तमान परिस्थितियां बदल नहीं जाएंगे । 

कोई भी परिस्थिति को बदलने के लिए समय चाहिए होता है। और सोचने मात्र से परिस्थितियां नहीं बदलतीं।उन पर काम करना पड़ता है । 

इसीलिए एक साथ सब कुछ सोच कर अपने आपको परेशान करने से अच्छा है , कि आप इत्मीनान से चीजों पर विचार करें । सब्र रखें। समस्याओं को समझने की कोशिश करें । धीरे-धीरे उनके उपायों पर विचार करें बजाय इसके कि आप पैनिक करने लगे कि कोई समस्या है ही क्यों! 

नकारात्मक विचारों से बचें
Do not pursue negative thoughts

समझें कि जीवन की समस्याएं जीवन का अभिन्न अंग है । जब तक यह जीवन है , इसमें समस्याओं का रहना तो स्वाभाविक है ।  और इसीलिए जीवन में आशावादी रहना बहुत जरूरी है और नकारात्मक विचारों से अपने दिमाग को और अपने आप को दूर रखना भी उतना ही जरूरी है। 

समस्याओं पर नहीं बल्कि उन्हें दूर करने के उपायों पर विचार करें
Don't focus on problems, focus on solutions

हर समस्या को दूर करने का कोई ना कोई उपाय होता है । अच्छा है कि अगर आप अपना मन शांत करके अपनी एक एक समस्या को समझे, जाने , उस पर ठीक ढंग से, शांत मन से विचार मंथन करने की कोशिश करें । 

शांत मन से और समझदारी से मुश्किलों को दूर करने के रास्ते ढूंढे। समस्या का कारण और समाधान ढूंढने की कोशिश करें । और जो भी इसका उपाय हो उसको अपने जीवन में उतारने की कोशिश करें । 

धीरे-धीरे समय लेकर अपने जीवन में अपनी आदतों में बदलाव करके अपनी समस्याओं पर कार्य करें । और उन्हें दूर करने की कोशिश करें । क्योंकि केवल विचार मात्र करने से आपके जीवन में कोई बदलाव नहीं आएगा । और ना ही आपकी कोई समस्या दूर हो जाएगी। 

हो सके तो आप मेडिटेट करें । ध्यान लगाएं शायद उससे आपको अपने मन को शांत करने में मदद मिलेगी। 

मेडिटेशन करें। ध्यान लगाने की कोशिश करें।
Just Meditate. 
Meditation helps in relieving anxiety. 

अगर आपको भी  एंग्जायटी का प्रॉब्लम है  तो ऐसे में मेडिटेशन करना या ध्यान लगाना  बहुत सारा  लाभदायक सिद्ध हो सकता है  यह तो सिद्ध हो चुका है कि ध्यान लगाने से मन और बुद्धि शांत होते हैं  और आराम की अवस्था में जाते हैं  इसीलिए मेमेडिटेशन anxiety की प्रॉब्लम में बहुत ज्यादा फायदेमंद है ।

अगर आपको मेडिटेशन करना नहीं आता
If you don't know how to meditate ,then, just breathe .
breathe consciously , breathe slowly , ease yourself, and relax
अगर आपको ध्यान लगाना बड़ा काम लगता है ।या आपको लगता है कि आप ध्यान नहीं लगा सकते तो इतना आप जरूर करें कि जब भी आपको बहुत ज़्यादा चिंता या तनाव हो रहा है, anxiety हो रही है , आप deep breathing करें । 

कुछ देर के लिए, कुछ  मिनटों के लिए आप गहरी सांस लें और उसे धीरे-धीरे छोड़े । फिर से गहरी सांस लें और उसे धीरे-धीरे छोड़े । 

इस क्रिया को आप कुछ बार दोहराएं इससे आप महसूस करेंगे कि आप धीरे-धीरे आपका मन शांत हो रहा है।


आशावादी रहे , नकारात्मक मत हो
Stay hopeful ,stay optimistic
 कभी भी इतना नकारात्मक मत सोचें कि कोई परेशानी कभी दूर ही नहीं होगी । समय हमेशा एक सा नहीं रहता । वह निरंतर बदलता रहता है । 

अगर बुरा समय आता है तो उसके बाद अच्छा समय भी आता है इसलिए हमेशा आशावादी रहे । और भरोसा रखें कि मुश्किल समय जल्द ही टल जाएगा , और हालात बेहतर हो जाएंगे। 


ईश्वर पर भरोसा रखें प्रार्थना करें
Have faith, pray
आप जिस भी भगवान में विश्वास रखते हो , जब आप बहुत बेचैन हो , नकारात्मक हो, तो उस ईश्वर का नाम लें। उसे याद करें । उस पर भरोसा रखें । और अपनी परेशानियों को दूर करने के लिए उससे प्रार्थना करें। 

यह सच ही है , कि प्रार्थना में बहुत शक्ति होती है और प्रार्थना करने से मन को राहत मिलती है,  हिम्मत और होसला मिलता है। 



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