जब आपको लगने लगे कि, 
आपको कोई नही समझता। 
कोई आपके अनुसार नही चलता। 

कि आपके जीवन मे, 
कुछ भी वैसा नहीं हो रहा, 
जैसा आप चाह रहे हैं। 

तो बजाए दुखी होने के, 
बजाये निरंतर संघर्ष करने के। 
ज़रा सांस लें, 
बहाव के साथ बहना सीखें। 

कोशिश अपनी ओर से करें, 
मगर परिणाम आपके हाथ मे नहीं है। 
इस बात को समझें, 
और स्वीकारें।

लगातार प्रयासों से भी, 
अगर परिस्थिति ना बदले, 
तो आप खुद ही 
हालातों में ढलना सीखें, 
बहाव के साथ बहना सीखें। 

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