राहु महादशा का जातक के जीवन पर क्या असर होता है? effects of Rahu mahadasha in hindi
राहु को ज्योतिष में पापी ग्रह माना गया है।
असल में यह ग्रह नहीं है बल्कि छाया ग्रह है। राहु को शनि की छाया कहा गया है।
राहु महादशा का जीवन काल:
Duration of Rahu mahadasha
राहु महादशा किसी व्यक्ति के जीवन में 18 वर्षों तक चलती है। इस दौरान महादशा के अंतर्गत सभी नौ ग्रहों की अंतर्दशा भी समय-समय पर बदलती रहती हैं।
राहु ग्रह का स्वभाव:
effects of Rahu mahadasha
राहु की महादशा का प्रभाव कैसा होगा यह समझने के लिए आपको यह समझना जरूरी है कि राहु कैसा ग्रह है और उसकी क्या विशेषताएं हैं।
राहु भय और अंधेरे का प्रतीक:
Rahul denotes fear and darkness.
राहुल को भय और अंधकार का प्रतीक माना जाता है । कहा जाता है कि राहु व्यक्ति के मन में डर और भ्रम पैदा करता है।
राहु लगाता है ग्रहण:
Rahu puts eclipse on sun and moon.
यही कारण है कि यदि किसी जातक की कुंडली में राहु का योग सूर्य या चंद्रमा के साथ हो तो ऐसी कुंडली में ग्रहण योग का निर्माण होता है । अर्थात यदि राहु कुंडली में सूर्य चंद्रमा ग्रह के साथ बैठ जाए तो वह इन रोशनी फैलाने वाले ग्रहों को ढक कर इनके शुभ प्रभावों को कम देता है और जातक के जीवन में अंधकार कर देता है।
राहु बनाता है बुद्धिमान और सफल राजनीतिज्ञ:
Rahul gives success in politics.
राहु व्यक्ति के जीवन में विलक्षण प्रतिभाओं को भी लेकर आता है। जैसे राहु का सकारात्मक प्रभाव जिस व्यक्ति के जीवन पर होता है , वो व्यक्ति बहुत ही बुद्धिमान और चतुर् होता। राहु की महादशा काल मे राजनीति के क्षेत्र में भी ऐसे लोग सफलता प्राप्त करते हैं।
राहु पैदा करता है मानसिक तनाव और भ्रम की स्थिति :
Rahu creates confusion and illusion.
राहु को पौराणिक शास्त्रों में एक राक्षस का सर माना गया है । इसलिए राहु सर और बुद्धि को सबसे अधिक प्रभावित करता है । ऐसे व्यक्ति जिन पर राहु की महादशा चल रही होती है मानसिक तनाव की समस्या से ग्रस्त हो सकते हैं। तथा उनकी निर्णय लेने की क्षमता में कमी आ सकती है । और उनके दिमाग में तरह-तरह का द्वंद अर्थात कन्फ्यूजन पैदा हो सकते है।
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